नरेंद्र मो
दी के आने के बाद तेल और महंगाई के दाम क्यों बढ़े?
Narendra Modi के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत में पेट्रोल, डीजल, गैस और कई जरूरी सामानों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली। आम लोगों के बीच यह सवाल अक्सर उठता है कि आखिर महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह क्या रही।
सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव रहा। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। जब वैश्विक बाजार में तेल महंगा होता है, तो इसका सीधा असर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ता है।
इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स भी ईंधन की कीमतों को बढ़ाते हैं। कई बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता होने के बावजूद जनता को राहत कम मिलती है क्योंकि टैक्स की दरें ऊंची रहती हैं।
कोविड-19 महामारी के बाद दुनिया भर में सप्लाई चेन प्रभावित हुई, जिससे खाने-पीने के सामान, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें बढ़ीं। इसके बाद Russia-Ukraine War ने वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों को और प्रभावित किया।
सरकार का कहना है कि देश में सड़क, इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं के लिए राजस्व जरूरी है। वहीं विपक्ष और आलोचकों का आरोप है कि बढ़ते टैक्स और महंगाई का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और गरीब लोगों पर पड़ा है।
महंगाई एक जटिल आर्थिक विषय है, जिसमें सरकार की नीतियों के साथ-साथ वैश्विक परिस्थितियों की भी बड़ी भूमिका होती है।
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