China vs India: क्या चीन की कमियां देखकर खुश होना सही है, या हमें अपनी कमियों पर ध्यान देना चाहिए? सोशल मीडिया पर पिछले कुछ समय से चीन के गंदे नालों, कचरे, बाढ़ और गरीबी के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो को देखकर कई लोग यह निष्कर्ष निकाल रहे हैं कि चीन भी भारत की तरह समस्याओं से जूझ रहा है। लेकिन क्या किसी दूसरे देश की कमजोरियों को देखकर खुश होना वास्तव में हमारे देश की समस्याओं का समाधान है? तुलना किससे होनी चाहिए? किसी भी देश की तुलना उसके कचरे, गंदगी या आपदाओं से नहीं होनी चाहिए। असली तुलना इस बात की होनी चाहिए कि कौन-सा देश शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, बुनियादी ढांचे, मैन्युफैक्चरिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और वैज्ञानिक विकास में कितना आगे है। अगर किसी देश में कुछ कमियां हैं, तो इससे यह साबित नहीं होता कि हमारी समस्याएं खत्म हो गई हैं। 1990 में दोनों लगभग बराबर थे 1990 के दशक में भारत और चीन आर्थिक रूप से लगभग समान स्थिति में थे। कुछ मामलों में भारत की प्रति व्यक्ति आय चीन से अधिक भी थी। लेकिन अगले तीन दशकों में चीन ने उद्योग, निर्यात, इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनी...